हे दिल जुटाले हिमत और कूद वोह दीवार
हे दिल जुटाले हिमत और कूद वोह दीवार
अबा को सम्जलेंगे कल परसु या कभी और|
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हम ना मानते खुदा या जन्नत को
हम ना मानते खुदा या जन्नत को
तुमे देखा तो लगा जन्नत हो या खुदा वो तुम्ही हो और सिर्फ हमारे हो |
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उदास सी ये ज़िन्दगी में आप आगये थो जैसे सासे भर गयी
उदास सी ये ज़िन्दगी में आप आगये थो जैसे सासे भर गयी
आब से ये दिल चाहत ही क्या ये सारा जहा आपको सोप्दी|
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शब्द से भयान नहीं कर सकते बोल कम पद्जाएगी
शब्द से भयान नहीं कर सकते बोल कम पद्जाएगी
ये अधि अदुरी शायरी भी ना पूरा कर सकी
ये कहेने के लिए कितनी मोहोबत है आपसे सनम|
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ज़िन्दगी हमारी एक काव्ब से कम नहीं
ज़िन्दगी हमारी एक काव्ब से कम नहीं
रंग ही रंग भर जायेंगे इस अदुरे काव्ब में
रंग ही रंग भर जायेंगे इस अदुरे काव्ब में
बस आपका अनेका इंतज़ार है|
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हर दीवार खो थोड दूंगा तुम्हे पानेके लिए सनम
हर दीवार खो थोड दूंगा तुम्हे पानेके लिए सनम
बस एक बिन्थी है..
दिन होया रात कुतोंको बांद के रकिये हरदम
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